मैं दीवाना हूँ शेरावाली का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

में दीवाना हु शेरोवाली का

आना जाना है शेरोवाली का

जय जय माँ अम्बे माँ X3

भक्त होकर भी देवता है वो

जो दीवाना है शेरोवाली का

में दीवाना हु शेरोवाली का....

में किसी के भी गुण नही गाता

मेरा गाना है शेरोवाली का

में दीवाना हु शेरोवाली का...

स्वर्ग जैसा भुवन लगे देखिब

दर सुहाना है शेरोवाली का

में दीवाना हु शेरोवाली का....

अपने मन में उतार लो माँ को

दरश पाना है शेरोवाली का

में दीवाना हु शेरोवाली का....

ये अविनाश कम नही होता

वो खजाना है शेरावाली का

में दीवाना हु शेरोवाली का....

सिंगर - अविनाश झनकार

Up।oad by Suni।Raikwar

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।