पलकों से उदासी को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पलकों से उदासी को जरा दूर भगा दे श्याम,

रोती हुई आँखों को आकर के हँसा दे श्याम

तेरी याद में ओ कान्हा मेरी आखे बरस ती है,

दीदार कन्हिया का पाने को तरस ती है,

आ बहती आँखों को दर्शन दिख्लादे श्याम,

रोती हुई आँखों को आकर.............

माना इन आँखों में आंसू भी जरुरी है,

दर्शन के बिना लेकिन ये आंखे अधूरी है,

खुशियों के आंसू दे दुखडो के हटा दे श्याम,

रोती हुई आँखों को आकर............

आँखों की पुतली में तेरा अक्ष उबर ता है,

आँखों के जरिये को इस दिल में उतर ता है,

तेरे हर्ष की आँखों को एसी ना सजा दे श्याम,

रोती हुई आँखों को आकर............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।