मेरी खुशियों का रहा ना ठिकाना

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी खुशियों का रहा ना ठिकाना,

ओ मेरे जैसा नही कोई भी दीवाना,

हमारे घर श्याम आए है......

मेरे जैसा कोई नही आज संसार में,

बड़ा ही आनंद मिला संवारे के प्यार में,

मैं तो झूम झूम गाऊँ ये तराना,

ओ मेरे जैसा नही कोई भी दीवाना,

हमारे घर श्याम आए है,

भाग्य मेरे जाग उठे दया हुई श्याम की,

आज मुझे खुशी मिली संवारे के नाम की,

मैं तो सबको चाहू बताना,

ओ मेरे जैसा नही कोई भी दीवाना,

हमारे घर श्याम आए है......

मेरी जो तमन्ना थी पूरी हुई आज है,

सांवरे के नाम की ख़ुशी मिली आज है

तेरे नाम का दीवाना ये जमाना,

ओ मेरे जैसा नही कोई भी दीवाना,

हमारे घर श्याम आए है.....

मेरी खुशियों का रहा ना ठिकाना,

ओ मेरे जैसा नही कोई भी दीवाना,

हमारे घर श्याम आए है,

हमारे घर श्याम आए है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।