ताली बजाकर बोलिए मेरी मईया का जयकारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ताली बजाकर बोलिए मेरी मईया का जयकारा

दोनों हाथो को पहले उठाइए, इक दूजे से फिर मिलाइए,

फिर ताली बजाकर बोलिए, मेरी मईया का जयकारा ॥

माता के दरबार में बैठे रहो ना खाली ।2॥

जय माता दी कहते जाओ, बोलो जय माता दी

(कोरस - जय माता दी)

जय माता दी कहते जाओ, बजा - बजा के ताली ॥

इन्सान के जीवन में,कभी खुशी तो कभी ग़म होता है,

और तालियां वही बजाते हैं, जिनके हाथों में दम होता है

फिर ताली बजाकर बोलिए मेरी मईया का जयकारा..

माता के दरबार में आओ करें जगराता ॥2॥

मईया का अपने बच्चों से, बोलो जय माता दी...

(कोरस - जय माता दी)

मईया का अपने बच्चों से बड़ा ही निर्मल नाता..

नीम का पेड़ किसी चंदन से कम नहीं है

और हमारा सीधी किसी लंदन से कम नहीं है

तो फिर ताली बजाकर बोलिए मेरी मईया का जयकारा

गीतकार, संगीतकार एवं गायक

प्रकाश तिवारी मधुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।