कभी ना कभी तो हे राधा रानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-सांवरे को दिल में,बसाकर तो देखो

कभी ना कभी तो,हे राधा रानी

बदलेगी अपनी भी, ये जिंदगानी

छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

रो रो के तुमको पुकारा करेंगें,

हर कष्ट सहकर गुज़ारा करेंगे

कोशिशें दुबारा दुबारा करेंगे,

अबकी बारी रूबरू नज़ारा करेंगे

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना कभी तो,हे राधा रानी

बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी

छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना...

भुलकर करेंगे ना,कोई भी नादानीं

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

कभी ना कभी तो,हे राधा रानी

बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी

छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

चिख़ूं चिल्लाऊंगी,पर्वत के निचे से

छुप छुप निहारूंगी,आंखों से निचे से

भीतर छुपालुंगी,अंखियों को मिचे से

भाव फिर सुनाऊंगी,विरह के सिचें से

सिड़ीयों पे बिच्छ जाऊंगी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

सिड़ीयों पे बिच्छ जाऊंगी,बनके दिवानीं

हमको शरणं में,लेना महारानी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,नित

बरसानें जायेंगे हम

कभी ना कभी तो,हे राधा रानी

बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी

छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

उबरूं ना ऐसे डुबूं,किशोरी तेरे नाम में

जीवन की शैष घड़ीय,बिते तेरे नाम में

बंध जाऊं घुंघरू बनके,किशोरी तेरे पांव के

छंन छंन से छंनकाती,ले जाना धाम में

बड़ा ही रूलाती वो,यादें पुरानीं

सख़ियों के झुरमुट,वो यमुना का पानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

कभी ना कभी तो,हे राधा रानी

बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी

छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,नित बरसानें जायेंगे हम

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

प्रेम है इक आग का दरिया,डुबकर है जाना

पता है मुझे बस ये,हंसेगा ज़माना

बिच बिच आती रहना,धिरज बढ़ाना

जब तक रूंकेना मेरा,आंसू बहाना

श्री हरिदासी है,दासी पुरानी

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

कभी ना कभी तो,हे राधा रानी

बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी

छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले

हमको भी शरणं में,लेना महारानी

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,

नित बरसानें जायेंगे हम

हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी

कभी ना....

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।