कन्हैया मेरे घर आए आ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पाया मुरली ने गली गली शोर कन्हैया मेरे घर आए आ (2)

मैनु चाहिदा नही कुछ और (2)

कन्हैया मेरे घर आए आ पाया मुरली ने गली आए आ

गुलाब देया फुला नाल घर में सजाया ए सोने जे गोपाल लई मैं आसन लगाया ए (2)

मैनु चड़ गई ए नाम वाली लो (2)

कन्हैया मेरे घर आए आ पाया मुरली ने आए आ

हर वेले ओहदे व ख्याल मेरा रहंदा सी आवे गा जरूर मेरा दिल ए केन्दा सी (2)

पैला पावों जिवे पैला पांदे मौर (2)

कन्हैया मेरे घर आए आ पाया मुरली ने गली आए आ

जदो दे ए आए मेरे बदले नसीब ने हाथ जोड सारेचा न दसदा संजीव ए (2)

विश्वास दी वी ओद हाथ डोर (2)

कन्हैया मेरे घर आए आ पाया मुरली ने गली आए आ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।