जोतां जग गईयां, मंदिरां च तेरे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जोतां जग गईयां, मंदिरां च तेरे ॥

मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी ।

ऐथे संगतां ने, ला लए ने डेरे ।

मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी ।

जोतां जग गईयां, मंदिरां...

कीता ए आवाहन तेरा, छैणियां दे नाल मां ।

गणपति पूज लिया, श्रद्धा दे नाल मां ॥

अखां हुण पई, राह तेरी टेरे ।

मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी...

जोतां जग गईयां, मंदिरां...

कदों दी उडीक तेरे, बच्चियां ने लाई ए ।

तेरे दरस दी मां, आस लगाई ए ॥

लाए भेटां अते, फुल्लां वाले सेहरे ।

मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी...

जोतां जग गईयां, मंदिरां...

पल पल लंघ रही ए, जागे वाली रात मां ।

करनी मैं कोल बहि के, तैथों गल्ल बात मां ॥

छेती आजा पहिलां, होण तों सवेरे ।

मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी...

जोतां जग गईयां, मंदिरां...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।