खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज- खाटु बूलाऐ खाटु का श्याम

हारे का सहारा मेरा खाटू श्याम बाबा

ले के निशान , चले बाबा के धाम |

खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||

ले के निशान , चले खाटू के धाम |

खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||

तीन बान धारी, नीले की सवारी|

बोले ना कुछ वी, सुनता है सारी||

सब से ऊचा खाटू का नाम. ......

खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम |

शीश का दानी, जिस की कहानी |

देता हैं लाभ, बाबा देता ना हानी ||

भगतो पे भीड़ कभी देता नहीं आण......

खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||

अरे लाख दतार, बाबा का प्यार |

मिलता है जिसको, नईआ हैं पार ||

श्याम धनी सबके करता है काम.......

खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||

भगत जसपाल, गांऊ जनाल |

बाबा की उस पे, है कृपा कमाल ||

कीर्तन कराऐ वो बाबा के नाम ......

खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||

लेखक जसपाल जनाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।