वाह वाह क्या बात है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सिंदूरी तन मन को मोहे मुखड़ा लाल ही लाल है,

रूप तुम्हारा देख के बाला हाल हुआ बेहाल है,

लाल लंगोटा तन पे सोहे और गदा तेरे हाथ है,

वाह वाह क्या बात हैं वाह वाह क्या बात हैं.......

छवि तुम्हारी ऐसी बाला जैसी कोई और नहीं,

तीन लोक में तेरे जैसा दूजा है सिरमौर नहीं,

सज धज के बैठे हो बाला बड़ा निराला ठाट है,

वाह वाह क्या बात हैं.............

रूद्र रूप में प्यारे लगते सबका चित्त चुराते हो,

भक्त तुम्हारा भजन करे तो मन ही मन मुस्काते हो,

अम्बर से तुझपे होती रे फूलों की बरसात है,

वाह वाह क्या बात हैं...........

आज तुम्हारा दर्शन करने सेवक तेरे आए है,

‘चोखानी’ कहे तूने ही तो बिगड़े काम बनाए है,

भक्त तुम्हारी महिमा गाए कीर्तन की ये रात है,

वाह वाह क्या बात हैं.............

सिंदूरी तन मन को मोहे मुखड़ा लाल ही लाल है,

रूप तुम्हारा देख के बाला हाल हुआ बेहाल है,

लाल लंगोटा तन पे सोहे और गदा तेरे हाथ है,

वाह वाह क्या बात हैं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।