मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर पे आज हो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मंगल के दाता बुद्धि विधाता सफल करो हर काज हो

मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर पे आज हो

रिद्धिसद्धि के के दाता तुम हो दीनो के भाग्य जगाते

मन चाहा वर देते सबको, काम सभी के बनाते

झोलिया सबकी भरते देवा, हुआ ना कोई नाराज हो

मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर

हार चढ़ाए फूल चढ़ाए और चढ़ाए मेवा

कुमकुम रोली का तिलक लगाएं करें रात दिन सेवा

काम भी के तुम्ही संवारें,मेरे सवारों आज हो

मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर

हे दुख भनजन असुर निकंदन, महिमा तेरी निराली है

संकट में जिसने नाम पुकारा, छाये मुख पे लाली है

सफल ना होता काम कोई,तेरे बिना गणराज हो

मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर

गायक एवं गीतकार :- राहुल पाल 7869529313

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।