रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूल रही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूल रही

रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूल रही

मणियन जड़ित हिलोडें आली 2

मनहर डोर विविध रंग वाली 2

लगी बिच बिच सुमन कली,, झुलनवा झूम रहीं 2

रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूम रही

श्याम घटा छाई मनुहारी 2

त्रिबिधि सुगंधित बहत बयारी 2

कोयल मृद कूक भली ... झुलनवा झूल रही 2

रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूल रही

नभ चढ़ देव सुमन बरसाये 2

झूलन छवि लखि वलि वलि जायें 2

सब जय जय करहीं भली... झुलनवा झूल रही 2

रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूल रही

हर्षित तुमहु लखहु छवि बांकी 2

झूलन झांकी, राम सिया की 2

दृग पथ हिय उतर चली ... झुलनवा झूल रही 2

रघुवर संग जनक लली झुलनवा झूल रही

भरत कुमार भारत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।