सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - दुनिया ने दिल दुखाया

सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले

बनके रहूंगा तेरा तू चाहे लिखवा ले

दुखों से हार कर में तेरी शरण में आया

सुना है मैं सबसे खाली नहीं लौटाया

गिर रहा हूं मैं तो मुझे आकर उठा ले

सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले

झूठी हो चाहे सच्ची बातें यहीं रही है

मेरे दिल में मेरे बाबा तेरी छवि रही है

कोई नहीं है मेरा मुझे अपना बनाले

सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले

भावों की यह तो लाइन तूने ही लिखवाई

आंखों में मेरे आंसू तेरी याद मुझको आई

लकी कहता सबसे तुम बड़े दिलवाले

सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।