तेरी जय हो बजरंगी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरी जय हो बजरंगी

मेरे राम भक्त बजरंगी की हर बात निराली है ,-2

दरबार से इनके कोई जाता नहीं खाली है | -2

तेरी जय हो बजरंगी मेरे प्यारे बजरंगी ,-2

तेरी जय हो बजरंगी राम दुलारे बजरंगी ,

तेरी जय हो बजरंगी मेरे प्यारे बजरंगी ||

आओ सब मिल केसरी नंदन की हम महिमा सुनाएं ,

हम तेरी महिमा सुनाएं, हम तेरी महिमा सुनाएं |

बाल समय रवि भक्ष लियो , तब देव दनुज घबराए ,

देव दनुज घबराए ,तब देव दनुज घबराए ,

वज्र प्रहार सहा हनु पे ,तब हनुमान कहलाए ,

महावीर की अमर कथा हम जन-जन तक पहुंचाएं ,

राम भक्त गाथा दुखों को मिटाने वाली है ,-2

दरबार से इनके कोई जाता नहीं खाली है...

मात सिया का पता लगाने जाते बजरंगी,

मेरे प्यारे बजरंगी, राम जी के प्यारे बजरंगी , (कोरस)

भाई लखन के लिए संजीवनी लाते बजरंगी ,

संजीवनी लाते बजरंगी ,संजीवनी लाते बजरंगी (कोरस)

मान देके ब्रह्मास्त्र में बंध जाते हैं बजरंगी ,

बंध जाते हैं बजरंगी (कोरस)

रावण का अभिमान क्षीण कर आते बजरंगी ,

क्षीण कर आते बजरंगी ( कोरस )

बड़ी-बड़ी विदपदाएँ जिसने पल में टाली है ,-2

दरबार से इनके कोई जाता नहीं खाली है....

तेरी भक्ति तेरी पूजा से मिलती शक्ति ,

मिलती है शक्ति , मिलती है शक्ति |(कोरस)

सोए भाग्य जगाने की मिल जाती हर युक्ति ,

मिल जाती हर युक्ति ,मिल जाती हर युक्ति , (कोरस)

भक्त जनों को शरण में रख लो ऐसी है विनती ,

प्रभु जी ऐसी है विनती ( कोरस)

जन्म - मरण के बंधन से मिल जाए फिर मुक्ति ,

मिल जाए फिर मुक्ति (कोरस)

अंजनी पुत्र की शोभा मन हरषाने वाली है ,-2

दरबार से उनके कोई जाता नहीं खाली है ...

तेरी जय हो बजरंगी , मेरे प्यारे बजरंगी, तेरी जय हो बजरंगी राम दुलारे बजरंगी ........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।