श्यामधणी थारा लाड़ म्हे लडा़वण आया हां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्यामधणी थारा लाड़ म्हे लडा़वण आया हां।

आज सिंधारा श्याम का मनावणं आया हां।।

सोना रो थानै छत्तर चढा़वा, हीरा को थारो हार गढा़वा

आज करां श्रृगांर चाव स, केशर चन्दन तिलक लगावां

लाल गुलाबी हार...म्हे पहरावण लाया हां

आज सिंधारा श्याम का...

रंगबिरंगो सबसे न्यारो, घेर घूमेर है बागो थारो

पहन दिखावो खाटुवाला, खूब जचेगों प्यारो प्यारो

खुशबू स दरबार...म्हे महकावणं आया हां

आज सिंधारा श्याम का...

आज सिधांरा मेहंदी मढा़ले, सोणा सोणा हाथ रचाले

भगत खिलासी निज हाथा स, मन चाहा पकवान तु खाले

मीठो मगही पान...म्हे खिलावण लाया हां

आज सिंधारा श्याम का...

मीठा मीठा भजन सुणास्यां, चरणां मे थारा रम जास्या

आज नही कुछ मागां थासुं, बस नैना सै नैन मिलास्या

प्रेम को रिश्तो श्याम...म्हे निभावणं आया हां

आज सिंधारा श्याम का...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।