ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बौल-ये माया तेरी,बहुत कठींन है राम

ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे,

भजले राम राम राम

भजले श्याम श्याम श्याम

ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे

ये माया....

इस माया के पिछे तूं,दिन रात डोलता डोले

आज किसी की कल किसी की, भेद हरि ने खोले

ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे,

भजले राम राम राम

भजले श्याम श्याम श्याम

ये माया....

जो माया के पिछे भागा,वो पागल कहलाया

इस माया के चक्कर में तुनें,अपना आप भुलाया

ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे,

भजले राम राम राम

भजले श्याम श्याम श्याम

ये माया....

राम नाम को भजले धसका,क्यों जीवन है खोता

राम नाम ही धन है पागल,क्यों माया के लिए रोता

ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे

ये माया....

बाबा धसका पागल पानीपत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।