सावन का महीना, घटाएं घनघोर । झूला झूले राधा, झुलावे नंदकिशोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरियाली तीज पर राधा रानी और श्री कृष्ण का झूला झूलते हुए एक नया भजन।।

सावन का महीना , घटाएं घनघोर,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

सावन का महीना , घटाएं घनघोर,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

गूंज उठी हैं चारों, ओर किलकारी ,

हस रही हैं राधा, हस रहे हैं मुरारी ,

गूंज उठी हैं चारों, ओर किलकारी ,

हस रही हैं राधा, हस रहे हैं मुरारी ,

ऐसा अद्भुत नजारा, ना देखा कहीं ओर ,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

सावन का महीना , घटाएं घनघोर,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

खिल उठी हैं चारों , ओर फुलवारी ,

नाच रही हैं राधा, नाच रहे हैं बनवारी ,

खिल उठी हैं चारों , ओर फुलवारी ,

नाच रही हैं राधा, नाच रहे हैं बनवारी ,

नाच रहे हैं संग में, पपिहा और मोर,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

सावन का महीना , घटाएं घनघोर,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

सोने और चांदी का , झूला हैं बनाया,

हीरे और मोती से , झूले को सजाया,

सोने और चांदी का , झूला हैं बनाया,

हीरे और मोती से , झूले को सजाया,

नाच रही हैं सखियां , झूले के चारों ओर ,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर,

सावन का महीना , घटाएं घनघोर,

झूला झूले राधा , झुलावे नंदकिशोर ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।