गुरुदेव के चरणों में मेरा बारम्बार प्रणाम है

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव के चरणों में मेरा बारम्बार प्रणाम है

गुरुदेव के चरणों में मेरा बारंबार प्रणाम है

गुरु किरपा से बनते मेरे बिगड़े सब काम है

गुरु किरपा से बनते मेरे सारे बिगड़े काम है

गुरुदेव के चरणों में मेरा......

गुरु है ब्रह्मा गुरु है विष्णु गुरु मेरे शिव शंकर है

गुरु है ब्रह्मा गुरु है विष्णु गुरु मेरे शिव शंकर है

तमसो मा ज्योतिर्गमय की लौ जगाते अंदर है

लौ जागते अंदर है

लौ जागते अंदर है

गुरुदेव के चरणों में मेरा......

गुरु कुम्हार है शीष कुंभ, गढ़ी गढ़ी काढ़े खोट

गुरु कुम्हार है शीष कुंभ, गढ़ी गढ़ी काढ़े खोट

अंदर हाथ सहार दे, बाहर बाहै चोट

बाहर बाहै चोट

बाहर बाहै चोट

गुरुदेव के चरणों में मेरा....

गुरु की महिमा का करते सारे वेद बखान है

गुरु की महिमा का करते सारे वेद बखान है

राम, कृष्ण और संत जनों ने लिया गुरु से ज्ञान है

लिया गुरु से ज्ञान है

लिया गुरु से ज्ञान है

गुरुदेव के चरणों में मेरा......

बड़े भाग्य से गुरु मिले, गुरु किरपा का प्रसाद मिला

बड़े भाग्य से गुरु मिले, गुरु किरपा का प्रसाद मिला

बुद्धि विवेक दे तार दिया आत्म तत्व का सार मिला

आत्म तत्व का सार मिला

आत्म तत्व का सार मिला

गुरुदेव के चरणों में मेरा बारंबार प्रणाम है

गुरु किरपा से बनते मेरे बिगड़े सब काम है

गुरुदेव के चरणों में मेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।