बोल दातिए क्यों बैठी चुप धार के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बोल दातिए क्यों बैठी चुप धार के-2

साडिया भी मैया रानी किसमतां सवार दे-2

बोल दातिए क्यों.....

रोज तू करोड़ा मैया किस्मता बनानी ऐ-2

दुःख हर लैनी ऐ ते सुख झोली पानि ए-2

असी भी कदो दे खड़े चोलिया पसार के

बोल दातिए क्यों....

सारेया नु दितिया मुरादा फटाफट मां-2

मेरी बारी आई गई क्यों पिछे गई हट मां-2

ताइयो असी पुछदे ने तेनु बाजा मार के

बोल दातिए क्यों....

तेरा ही दिता होया खांदा ये जहान मां-2

कर कदे साडिया भी मुश्किला असान नां-2

असी भी कदो दे खड़े तैनु ही पुकारदे

बोल दातिए क्यों....

ढिले पेच कर्मा दे साडे भी मां कस दे-2

आए जेड़े रोंदे मैया जान ऐथो हसदे-2

हो बल्ले बल्ले हो जाऊ तेरी, बेडा साडा तार दे

बोल दातिए क्यों.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।