चल रे कांवरिया बोल बम बम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हर हर महादेव

बोल बम

भोले की भक्ति में होके मगन होके मगन

चले रे गवड़िया बोल बम बम

भोले की भक्ति में होके मगन, होके मगन

चले रे कवड़िया बोल बम बम

चले रे क बोल बम बम

चले रे कवरिया बोल बम बम

बोल बम बम बोल बम बम बोल बम बोल बम

छाई है खुशियां नहीं है कोई गम, नहीं है कोई गम

चले रे गवडिया बोल बम बम

भोले की भक्ति में होके मगन

चले रे गवडिया बोल बम बम

होत भुनसारे से कावर उढ़ाये , माई नर्मदा को जल भर लाए

माई नर्मदा को जल भर लाए, माई नर्मदा को जल भर लाए

अरे कांधे पे कावड़ चले हैं सब जन ,चले हैं सब जन

चले रे कावड़िया बोल बम बम

भोले की भक्ति में होके मगन

चले रे कवरिया बोल बम बम

सावन महीने की रुत है सुहानी

भोले के दर्शन की मन में है ठानी

भोले के दर्शन की मन में है ठानी

भोले के दर्शन की मन में है ठानी

अरे नाचे कवडिया ,देखो छमम छमम

देखो छमम छमम,

चले रे कवडिया बोल बम बम

भोले की भक्ति में होके मगन

चले रे कवडिया बोल बम बम

चल के ऊंची नीची रे डगरिया ,पहुंचे भोले बाबा की दुरिया

पहुंचे भोले बाबा की दुरिया, पहुंचे भोले बाबा की दुआ

हर बेल पतिया चढ़ाएंगे जल चढ़ाएंगे ,

चढ़ाएंगे जल

चले रे कवडिया बोल बम बोले की

भक्ति में होके मगन, चले रे कवरिया बोल बम बम

चले रे कवरिया बोल बम बम

चले रे कवरिया बोल बम बम

बोल बम बम बोल बम बम बोल बम बोल बम

भोले की भक्ति में होके मगन, होके मगन चले रे कवडिया बोल बम बम,

भोले की भक्ति में होके मगन, चले रे गवड़िया बोल बम बम

चले रे गावड़िया बोल बम बम,

चले रे गावड़िया बोल बम बम

चले रे गावड़िया बोल बम बम

चले रे गावड़िया बोल बम बम

चले रे गावड़िया बोल बम

हर हर महादेव है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।