झूला झूले मैया देखो उड़े रे चुनड़ीयां, उड़े लहर लहर सारे शहर शहर, आयो सावनियो

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : कौन दिशा में ले के चला रे

झूला झूले मैया देखो उड़े रे चुनड़ीयां

उड़े लहर लहर

सारे शहर शहर

आयो सावणियो.. सावणियो

झूलण की सौकीन है दादी,

जद भी बुलाओ आज्यावै

राजी हो सिंधारा करावै,

भगतां को मान बढ़ा ज्यावै..

झूलणे पधारे, घर में या म्हारे.. 2

कितणी बड़ी या बात है..

लूण राई वारो

लगज्यावै ना नजरिया..

उड़े लहर लहर, सारे शहर शहर

आयो सावणियो.. सावणियो

झूलो देखूं चुनड़ देखूं,

या देखूं सिणगार थारो

बारी बारी झोंटा देवै,

यो पुरो परिवार सारो..

चुनड़ी भी जोरकी, दादी भी जोरकी.. 2

झूलो भी थारो जोरदार है..

मोरनी सी बणके

मैंया नाचूं मैं आंगणिया..

उड़े लहर लहर, सारे शहर शहर

आयो सावणियो.. सावणियो

झूला ऊपर बैठ्या दादीजी,

भगतां के हाथ में डोर है

बनड़ीलागे कदे लागे सेठाणी,

अंइया लागे या ही गणगौर है..

हिंडो घाल्यो भाव सूं, दादी झूले चाव सूं.. 2

सावण को न्यारो ही रुबाब है..

अम्बरीष कहवै राजी

रहवै झूलो सजावणिया..

उड़े लहर लहर, सारे शहर शहर

आयो सावणियो.. सावणियो

लीरिक्स : अम्बरीष कुमार मुंबई

9327754497

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।