थारी मोरछड़ी लहराओ

रिंकू शर्मा (रसिक)
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हापे संकट आयो भारी, अब न देर लगाओ थारी मोरछड़ी लहराओ,थारी मोरछड़ी लहराओ

श्याम-श्याम सुबह शाम रटु पर, श्याम कृपा नही होई

सुण्या है थारी मोरछड़ी बिन जागे न किस्मत सोई

अब तो लीले चढ़कर बाबा ,

अब तो लीले चढ़कर तुम जीवन का कष्ट मिटाओ

थारी मोरछड़ी लहराओ -2

तकलीफों से घिरा हुआ में, तेरी शरण में आया

ढूंढा सकल जगत में,तुमसा दर कहीं न पाया

बाबा बाँह पकड़‌के अब तो,

बाबा बाँह पकड़‌के अब तो मुझे किनारे लगाओं

थारी मोरछड़ी लहराओ -2

दुनिया हंसती है अब मुझपे, अपने भी मुस्काएं

क्या भक्ति में कमी है मेरे क्यूँ न सांवरा आए

मेरी नैया श्याम कन्हैया

मेरी नैया श्याम कन्हैया

अब तो पार लगाओ

थारी मोरछड़ी लहराओ -2

भजन प्रवाहक - टीना बालोटिया (दिल्ली) 9582989661

लेखक- रिंकू शर्मा (रसिक)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।