सावन आयो रे भोले बाबा सावन आयो रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन आयो रे , भोले बाबा सावन आयो रे

सावन आयो रे भोले बाबा सावन आयो रे ,-२

पूजन था लेकर में थारा मंदिर आयो रे ,-2

सावन आयो रे.........

१. झूम झूम के मेघा बरसे, पूजन को मेरा मन तरसे -2

सच्ची लग्न में हिवड़ा हरषे, ले कावड़ निकला मैं घर से ,-2

महाकाल कृपा से काल भी ,-2 रोक न पायो रे......

सावन आयो रे........

२. बम-बम गांऊँ बाबा तुमको मनाऊं भांग धतूरा और दूध चढ़ाऊँ ,-2

केसर चंदन तिलक लगाऊँ , रूप नीरखूँ बाबा सब सुख पाऊँ ,-2

थारी भक्ति सेवा से म्हारो ,-2 मन भरमायो रे......

सावन आयो रे......

३. करूणाकर करुणा बरसाओ दास को अब तो दर्शन दिखाओ ,-2

विनती मेरी ना ठुकराओ , मुझको बाबा गले से लगाओ ,-2

थारी शोभा देखके सबरो ,-2 मन हरषायो रे......

सावन आयो रे..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।