अंतिम इच्छा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

न बंगला मांगू न कार फरारी घाटे का सौदा हे ये दुनिया दारी

न रोको मुझको बाबा के दर जाने दो

मेरी ये अंतिम इच्छा पूरी अब हो जाने दो

मुझे महाकाल के चरणों में लिपट जाने दो

मुझे उज्जैन में मर जाने दो ......

जब बाबा बम बम नाथ मुझे ले जाए अपने साथ

बनकर के राख मसान की पहुंचूं महाकाल के पास

मेरा जलन्म मरण सब आज संवर जाने दो

मुझे उज्जैन में ........

मेरी अर्जी सुनो महाकाल बाबा में हूं तेरा लाल

बाबा भूत नाथ अविनाशी कैलाशी तुम महाकाल

झूठी माया में लिपटी काया संवर जाने दो

मुझे उज्जैन में मर जाने दो ........

न दुनिया साथ निभाएगी न मरघट से आगे जाएगी

ये धन दौलत शोहरत इज्जत सब यहीं धरि रह जाएगी

अब प्राण पखेरू अलबेला तर जाने दो

मुझे उज्जैन में मर जाने दो .........

गायक लेखक Jaikumar Albela 9340726332.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।