उसके तन में हैं राम, उसके मन में हैं राम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

उसके तन में हैं राम,

उसके मन में हैं राम,

वो तो कहता हैं हर पल, राम राम राम,

वो तो कहता राम राम,

वो तो जपता राम राम,

उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,

वो तो केसरी का लाल,

उसकी लीला हैं कमाल,

उसके तन पे सजा हैं, चोला लाल लाल,

वो तो कहता राम राम,

वो तो जपता राम राम,

उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,

उसका पावन हैं दरबार,

वो तो शिव का अवतार,

उसको कहते हैं प्यार से , बालाजी सरकार,

वो तो कहता राम राम,

वो तो जपता राम राम,

उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,

वो तो वीरों का हैं वीर,

उसका नाम महावीर,

रण में हारा नहीं वो, बाबा रणजीत,

वो तो कहता राम राम,

वो तो जपता राम राम,

उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।