मोरे अंगना आओ जी गजानन अंगना आओ जी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन में गजराज गजानन अंगना आओ जी

मोरे अंगना आओ जी गजानन अंगना आओ जी २

आप आना संग गौरा जी को लाना २

गौरा जी को लाना संग भोले जी को २ लाना

भोले जी से कहना जरा डमरू बजाओ जी

मोरे अंगना आओ जी गजानन अंगना आओ जी

आप आना संग ब्रह्मा जी को लाना २

ब्रह्मा जी को लाना मां शारदे को लाना२

शारदे मां से कहना जरा वीणा बजाओ जी

मोरे अंगना आओ जी गजानन अंगना आओ जी

आप आना संग राधा जी को लाना

राधा जी को लाना संग कान्हा जी को लाना

कान्हा जी से कहना जरा मुरली बजाओ जी

मोरे अंगना आओ जी गजानन अंगना आओ जी

आप आना संग राम जी को लाना

राम जी को लाना संग सीता जी को लाना

हनुमत जी से कहना जरा राम धुन गवो जी

मोरे अंगना आओ जी गजानन अंगना आओ जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।