भोले दी कांवड़

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले दी कांवड़ चली , बोल बम बोल

भक्तों का रेला चला , बोल बम बोल

तू बोल बम – तू बोल बम

तू बोल बम बोल बम बोल बम बम

नर्मदा का जल भर करके , धारा जी से चलते जाए

हम कांवड़ – हम कांवड़ , हम कांवड़ लेकर जाए रे

भोले दी कांवड़ चली , बोल बम बोल

सावन में उज्जैन नगरीया , भोले जी का मेला लागे

महाकाल पे – महाकाल पे , महाकाल पे जल ये चढ़ाए रे

भोले दी कांवड़ चली , बोल बम बोल

भोलेनाथ जी सुंदर सजके , पालकी में आए है

सब नाचे – सब गाये , महाकाल की मस्ती में नाचे रे

भोले दी कांवड़ चली , बोल बम बोल

गिरधर दादा सच्चे मन से , भोले जी को ध्याते है

दीपक और विवेक पंडित जी , दिल से पूजा कराते है

करे स्वागत – करे स्वागत, करे स्वागत लक्ष्य कावड़ का रे

भोले दी कांवड़ चली , बोल बम बोल

गायक एवं लेखक

लक्ष्य गुप्ता देवास (म. प्र.)

7587677670

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।