मेरे राघव के दरबार में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरे राघव के दरबार में

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का खाता ॥

जिसने, जैसा, कर्म किया है, वैसा, ही फ़ल पाता...

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का...

क्या, साधु क्या, संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी ।

प्रभु, की बही में, लिखी हुई है, सबकी कर्म कहानी ॥

वही, सभी के, ज़मा खर्च का, सही, हिसाब लगाता...

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का...

बड़े, बड़े, कानून प्रभु के, बड़ी बड़ी मर्यादा ।

किसी, को कोड़ी, कम नहीं देता, किसी को दमड़ी ज्यादा ॥

इसी, लिए तो, दुनियाँ में ये ॥जगत, सेठ कहलाता...

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का...

नहीं, चले, उनके घर रिश्वत, नहीं चले चालाकी ।

उनके, अपने, लेन-देन की, रीत बड़ी है पाकी ॥

पुण्य, की नईया, पार लगाता ॥पाप की, नाव डुबाता...

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का...

करता, वही, हिसाब सभी का, नित आसन पर डट के ।

उनका, फ़ैसला, कभी न बदले, लाख कोई सर पटके ॥

समझ, दार तो, चुप है रहता ॥मूर्ख, शोर मचाता...

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का...

उज़ली, करनी, कर ले बंदे, कर्म ना करियो काला ।

लाख, आँख से, देख रहा है, तुझे देखने वाला ॥

उनकी, तेज़, नज़र से बंदे ॥कोई, नहीं बच पाता...

मेरे, राघव के, दरबार में, सब लोगों का...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।