भोला नाचे मेरा श्मशानों में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोला नाचे मेरा श्मशानों में

भोला, नाचे मेरा, श्मशानों में,

शिव, नाचे मेरा, श्मशानों में ॥

वो रहता, अकेला, वीरानों में... ॥

भोला, नाचे मेरा, श्मशानों में,

शिव, नाचे मेरा, श्मशानों में ॥

हाथ में डमरु, जटा में गंगा,

नाम है भोला, मस्त मलंगा ।

नील कंठ, कहलाता है वो,

पीता है, दुनियाँ की भंगा ॥

उस पे, रहमत, हो जाती जब ॥

है ये, नाम, दीवानो में...

भोला, नाचे मेरा, श्मशानों...

वो चाहे तो, मिलता खाना,

न चाहे, भूखे सो जाना ।

वो ही सब को, देता साँसे,

वो ही जाने, कब मर जाना ॥

वो ही, जल में, वो ही थल में ॥

वो ही, है, तूफानों में...

भोला, नाचे मेरा, श्मशानों...

शिव के हाथ में, दुनियाँ सारी,

वो ही, नर है, वो ही नारी ।

गुस्से में, शंका मिले शकंर,

वैसे है, भोला भंडारी ॥

वो संदीप के, दिल में बस्ता ॥

मिलता, नहीं, दुकानों में...

भोला, नाचे मेरा, श्मशानों...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।