श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती की

पारंपरिक
महादेव आरती कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

आरती कीजै,शुभ आरती कीजै,शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

शीश मुकुट काने कुंडल सोहे -२

राम लखन सिया जानकी, शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

मोर मुकुट माथे पर सोहे -२

राधा सहित घनश्याम की, शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

अक्षत चंदन घी की बाती -२

उमा सहित महादेव की, शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

मम दुख हरणी मंगल करणी-२

आरती लक्ष्मी गणेश की, शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

अलख निरंजन असुर निकन्दन-२

अंजनि लला हनुमान की, शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

ग्रामदेव अउरी कुलदेवता -२

माता पिता गुरुदेव की, शुभ आरती कीजै।

श्याम सुंदर भगवान की ,शुभ आरती कीजै।-२

Aditya Bhardwaj

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।