ज्यों दुनिया ने मैत्थो अख फेरी

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-तुनें अजब रचा भगवानखिलोना माटी का

जदों दुनियां ने मैत्थो अख फेरी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

मेरी तार दिती डुबदी होई बेड़ी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

जदों..........

1.ठोकरां ही मारियां सी जदो इस जग ने,

डिगदा उठाया मैंनूं गुरां जी दे नाम ने

फिर भुल गई सी दुखां दी हनेरी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

जदों दुनियां ने मैत्थो अख फेरी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

मेरी तार दिती डुबदी होई बेड़ी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

जदों..........

2.रहमतां ओदीयां दा किवें करां सुकराना मैं,

कौन मेरे गुरु जेहा घुमेंया जमाना मैं,

मैंनूं तारेया लाईयां ना देरीयां,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

जदों दुनियां ने मैत्थो अख फेरी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

मेरी तार दिती डुबदी होई बेड़ी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

जदों..........

3.जांणदा सी कौंण तेरे प्रीत बलहारी नु,

चरनीं लगा के दिता मान सेवादारी नु,

बिना नाम दे घड़ी ना लंघे मेरी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई,

जदों दुनियां ने मैत्थो अख फेरी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

मेरी तार दिती डुबदी होई बेड़ी,

गुरां ने मेरी बांह फड़ लई

जदों..........

‌ जय गुरुदेव जय जय गुरुदेव

जय गुरुदेव जय जय गुरुदेव

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।