मेरे गिरधर तेरा सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे गिरधर तू ही सहारा है,

मेरी नैय्या का तू किनारा है ।

मेरी आँखों में तू मेरे ख्वाबो में तू,

मेरे दिल की धड़कन में है तू ही तू,

दीवाने तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है,

ना होश ना ख्याल है,

मेरी नैय्या का तु किनारा है...

दीदार तेरा करा दे मुझे

मेरे सांवरे बता दे मुझे

कहीं ना अब करार है, कहीं ना अब सकून है

मिलेगा मुझे सांवरा, मुझे तो ऐतबार है

मेरी नैय्या का तु किनारा है...

मेरे ख्वाबो में तू, मेरी साँसों में तू

मेरे दिल की धड़कन में बस तू ही तू

दीवाना तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है

खड़ा हूँ तेरे द्वार पे ना होश है ना ख्याल है

मेरी नैय्या का तु किनारा है...

मेरी आखो मे जले तेरे ख्वाबो के दिये,

कितनी बेचेन हु मै श्याम से मिलने के लिये,

मेरे प्यारे कान्हा तु जो एकबार मिले,

चेन आ जाये मुझे जो तेरा दीदार मीले,

मसीहा मेरे दुआ दे मुझे,

करु मे क्या बता दे मुझे,

दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,

खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,

मेरी नैय्या का तु किनारा है...

आई अरदास लेकर,

मन मे विश्वास लेकर,

झोली भर दे तु मेरी,

आई हु आस लेकर,

दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,

खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,

मेरी नैय्या का तु किनारा है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।