लगै जो श्री वृन्दावन को रंग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लगै जो श्री वृन्दावन को रंग,

तो मनवा झुंम उठे

1.देह अभिमान सवै मिटि जावै,

अरु विषयन कौ संग

तो मनवा झुंम उठे

लगै जो श्री वृन्दावन को रंग,

तो मनवा झुंम उठे

2.सखी भाव सहज होय सजनी,

पुरुष भाव होय भंग

तो मनवा झुंम उठे

लगै जो श्री वृन्दावन को रंग,

तो मनवा झुंम उठे

3.श्री राधावर सेवत सुमिरत,

उपजत लहरतरंग

तो मनवा झुंम उठे

लगै जो श्री वृन्दावन को रंग,

तो मनवा झुंम उठे

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।