॥ पावन पाठ ॥
साईं तेरे कदमों में, जो सुकुन है,
वो ना मिल सका कहीं,,
तेरे बिना मेरी, हर दुआ है अधुरी,
तेरा नूर ही रोशनी है.......
स्थाई:- तू ही तो रूह का सुकून है, तू ही तो दिल का जुनून है,
हर सांस में मेरे साईं(बाबा), तेरा जिक्र है
साईं तू मेरे रूबरू है---4