जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,

नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

जग्गनाथ....

1.मेरी नाव सिर्फ एक तेरे सहारे,

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,

नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

जग्गनाथ....

2.तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,

नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

जग्गनाथ....

3.जग्गनाथ स्वामी मेरे नैंन के तारे,

मेरे सार काज स्वामी आप सवारें

जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,

नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

जग्गनाथ...

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बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।