जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गायो बधाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-लाला‌ जनम सुन आई रे

जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ

बधाई

गायो बधाई मिल गायो बधाई

जन्मअष्टमी....

1.लेवें बलईयां मईया,पलना झुलावै

लेवें बलईयां,बलि बलि जायें

जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ

बधाई जन्मअष्टमी....

2.घर घर में आज मंगल गायो,झुमों गाओ

ख़ुशीयां मनाओ

झुमों गाओ,ख़ुशीयां मनाओ

जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ

बधाई जन्मअष्टमी....

3.पागल का तूं मान ले कहना,धसका

आंनद में रहना

आंनद में रहना,आंनद में रहना

जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ बधाई

जन्मअष्टमी....

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।