म्हानै न्यारो करग्या सांवरा..

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थारै कंईया सुहाई जी या बात

म्हाने न्यारो करग्या सांवरा।

बालकपन म्हारो भूल्या थे तो, बित्योडी बै रातां ।

तुतलाती जुबान से म्हारी, भजन थारा ही गाता।

सुनता सुनाता मनडै री बात

म्हानै न्यारो करग्या सांवरा.. ।।१।।

पहन कै थारो जंतरियो मेह, गलियां मांही फिरता।

के जादू के टूना सगला, जंतरिये मै घिरता।

थाने याद दुवाऊं जी वे बात

म्हानै न्यारो करग्या सांवरा.. ।।२।।

नया नवेला प्रेमियां सै, तू पिचान बढ़ावै।

मां की कोख से यो सिरदारो, तेरा ही गुण गावै।

थे तो भूल्या जी सगली वे बात

म्हानै न्यारो करग्या सांवरा.... ।।३।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।