मैया आप आ जाओ मेरा मन याद करता है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया आप आ जाओ, मेरा मन याद करता है

मेरा मन याद करता है, नयन से नीर बरसता है

मैया आप आ जाओ मेरा मन याद करता है

ना मैया है ना बाबुल है, मैं आंचल को तरसती हूं

आंचल में छुपा लो मां, बेटी याद करती है

मैया आप आ जाओ...

मैं निर्धन हूं मैं निर्बल हूं नहीं कोई सहारा है

सहारा आप बन जाओ ,मेरा मन याद करता है

ना नारियल है ना चुनरी है ना मेवा है ना मिश्री है

रुखा सुखा जो है मां तुम आकर भोग लगाजो

मैया आप आ जाओ मेरा मन याद करता है

गुफा में मां तू रहती है तू शेर सवारी करती है

दर्शन एक बार दे जाओ मेरा मन याद करता है

मैं बेटी हूं तु माता है मैं बेटी हूं तुम माता है

मैया अब तो आ जाओ मेरा मन याद करता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।