ग्यारस दी देखो रात आई है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आई ग्यारस दी रात मैं कुर्बान जानिआं

श्याम मोर छड़ी घुमाई मैं कुर्बान जानिआं ।

तू ना घबराना ,जो मुश्किल आई,सारे संकट टलजेंगे भाई

देखो कैसा समां ते कैसी रात आई है ।

ग्यारस दी देखो ईह रात आई ऐ

सारे शहर विच होगी देखो वाहो वाही है।

हीरे मोतियों से सिंगार करायें,

सतरंगी पगड़ी पर कलंगी लगायें ।

खाटू वाले नू बुलाइए अज भरे मैदान च,

अज ब्रेकिंग न्यूज़ चलेगी सारे हिंदुस्तान च।

खाटू वाला आ गया देखो खाटू छोड़ के

ग्यारस दी देखो ईह रात आई ए

सारे शहर विच हो गई देखो वाहो वाही ए।

श्याम मेरा है राजा ते मैं हां निका जेहा, हो मैं हां निक्का जेहा।

तेरी भक्ति बगैर जीवन फिक्का जेहा, हो जीवन फिक्का जेहा ।

सारे जाने ताली बजाओ, नाच नाच के श्याम मनाओ ।

खाली झोली भरना भगत तेरा निक्का जेहा ।

श्याम मैं निका जेहा श्याम मैं निका जेहा

मन दा इह मंदिर तेरे बिन अधूरा, सानू कदे ना भुलाना।

अखियां मेरी नुं देदो हुन दर्शन, इवें न सानू तड़पाना ।

तू ना घबराना, जो मुश्किल आई ,सारे संकट टलजेंगे भाई ,

देखो कैसा समां ते कैसी रात आई है ।

ग्यारस दी देखो ईह रात आई ऐ

सारे शहर विच होगी देखो वाहो वाही है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।