डम डम डम डम डमरू बजे कैलाश पर मेरा भोला सजे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ सृष्टि करता मम विवाह विवाह कुर कुर स्वाहा

डम डम डम डम डमरू बजे

कैलाश पर मेरा भोला सजे ।

भोला सजे, मेरा शंकर सजे

गौरा मां को बिहाने चले ।

जटा में गंगा माथे पे चंदा,

भूत प्रेत भी है उनके संगा ।

बजे मृदंग ढोल बाजे,

गौरा मां को बिहाने चले ।

डम डम डम डम डमरू बजे...

गले में जिनके सांपों की माला,

कहते हैं इन्हें डमरू वाला ।

लेकर हाथ त्रिशूल चले,

गौरा मां को बिहाने चले ।

डम डम डम डम डमरू बजे...

करते हैं नंदी की सवारी,

कहते हैं इन्हें त्रिनेत्र धारी ।

तन पे भस्म रमा के चलें,

गौरा मां को बिहाने चले ।

डम डम डम डम डमरू बजे...

आक धतूरा इनको भाये,

भांग का यह तो भोग लगाएं ।

देवों में देव महादेव कहे,

गौरा मां को बिहाने चले ।

डम डम डम डम डमरू बजे...

विष का प्याला भी पी डाला,

तीनों लोकों का रखवाला ।

शिव को आदि अनंत कहें,

गौरा मां को बिहाने चले ।

डम डम डम डम डमरू बजे...

गंगाजल बेलपत्र चढ़ायें,

खीर भी इनको बहुत ही भाये ।

इंदु इनकी महिमां कहे,

गौरा मां को बिहाने चले ।

डम डम डम डम डमरू बजे...

Singer: इंदु सामाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।