मेरे शंभु मेरे महाकाल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिना अब जिया नहीं जाए, बिन तेरे मुझे कौन संभाले,

बिन तेरे मुझे कौन संभाले,

मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभू मेरे महाकाल,

तेरे हवाले की है मैने जिंदगानी, जाके ये बाते सारे जग को बतानी,

तू ही पिता है मेरा तू ही दीनदयाल है, करुणा बरसाने वाले महिमा अपार है,

दर पे तुम्हारे आके आशीष पाएं, चरणों में बाबा तेरे शीश नवाएं,

मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभू मेरे महाकाल।

हर कही प्यार मिलता, खुशियों की बहार है,

तेरी कृपा बरसी है ये तेरा ही कमाल है,

तू जो न हो तो ये बहारें भी न होती, राहों में काटे होते, कलिया न होती,

तेरा भगत बाबा तेरा ही गुण गाए, सारी उमर तुझको ही रिझाए,

मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभू मेरे महाकाल।

तेरे बिना अब जिया नहीं जाए, बिन तेरे मुझे कौन संभाले,

बिन तेरे मुझे कौन संभाले,

मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभु मेरे महाकाल ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।