तेरी रहमतों के सदके जीवन मिला ये प्यारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़- कवाली

तेरी रहमतों के सदके, जीवन मिला ये प्यारा ।

अब मेरा कुछ नहीं है, जो कुछ है सब तुम्हारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

भूला हुआ था दूनियाँ कुछ भी खबर नहीं थी ।

डूबी हुई थी कश्ती, उसको दिया किनारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

रखना चरण शरण में मुझको न दूर करना ।

मेरी जिंदगी है तब तक, जब तक तेरा सहारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

कैसे ये क़र्ज़ उतरे जीवन है शेष थोड़ा ।

जन्मों तलक रहूँ मैं, सेवक बना तुम्हारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

सेवा ही बन्दगी है सेवा ही तेरी पूजा ।

फ़ल इसका तेरे दर्शन, मईया ये तेरा द्वारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

देखा जो इक नज़र से दुनियाँ ही बदल डाली ।

सब ओर तूँ ही तूँ है, तेरा ही है नज़ारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

अवगुण ना देख माँ अब कर मेहर की निगाहें ।

सेवक रहे ये सेवक, जन्मों तलक तुम्हारा ।

तेरी रहमतों के सदके...हाँ सदके...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।