बम बम बम बम भोले, कांवड़ियों के संग मैं है भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बम बम भोले, कांवड़ियों के संग मैं है भोले

बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले

सावन का महीना आया है, शिव शंकर ने बुलाया है

कांवड़ियों लेके चले कांवड़ है, गंगा जल के संग मैं है भोले

बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले

कोई काशी कोई खाटू जाए, हरिद्वार से कांवड़ लाए

हरिद्वार के गंगा जल को अपने कांधे धर कर ले

बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले

सावन का मेला आया है, कावड़ियों ने शोर मचाया है

ढोलक मृदंग डीजे चले, शिव शंभू भी संग चले

बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले

सिंगर: ललित गेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।