सावन का महीना और भोले का दरबार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन का महीना और भोले का दरबार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

देवो में देव बड़ा, शिव हैं निराला ,

देवो की खातिर पी गया, विष का प्याला ,

देवो में देव बड़ा, शिव हैं निराला ,

देवो की खातिर पी गया, विष का प्याला ,

पीकर विष का प्याला , शिव ने बचा लिया संसार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

सावन का महीना और भोले का दरबार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

तीस दिनों का हैं ये , सावन का महीना ,

तीस दिनों तक हमें , शिव की भक्ति करना ,

तीस दिनों का हैं ये , सावन का महीना ,

तीस दिनों तक हमें , शिव की भक्ति करना ,

शिव की भक्ति से ही , होगा बेड़ा पार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

सावन का महीना और भोले का दरबार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

जल का लोटा भर के , शिव को चढ़ाओ,

शिव की भक्ति में , मन को लगाओ ,

जल का लोटा भर के , शिव को चढ़ाओ ,

शिव की भक्ति में , मन को लगाओ ,

बेलपत्र और चन्दन से, करो शिव का श्रृंगार,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

सावन का महीना और भोले का दरबार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

जो भी करेगा बाबा, शिव की भक्ति ,

उसको मिलेगी ,भवसागर से मुक्ति ,

जो भी करेगा बाबा, शिव की भक्ति ,

उसको मिलेगी ,भवसागर से मुक्ति ,

कर लो अपनी नय्या , भव से तुम पार,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

सावन का महीना और भोले का दरबार ,

कर लो शिव की भक्ति ,

कर लो शिव की जय जयकार,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।