कृष्ण दर्शन को मन ललचाया शिव भोला गोकुल में आया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया

शिव भोला गोकुल में आया ॥

शिव भोला गोकुल में आया...

झोली कांधे धरी हाथ ले ली छड़ी ॥

बंदर को हनुमान बनाया

शिव भोला गोकुल में आया ।

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया...

द्वारे नंद बाबा के दिया डेरा जमा ॥

और डम डम डमरू बजाया

शिव भोला गोकुल में आया ।

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया...

सुन के डमरू की तान बच्चे बूढ़े जवान ॥

सबने आ कर के घेरा बनाया

शिव भोला गोकुल में आया ।

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया...

कहाँ थे तुम हरि काहे देरी करी ॥

मेरे नैनों को क्यों तरसाया

शिव भोला गोकुल में आया ।

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया...

आए यशोधा के लाल किया शिव को निहाल ॥

हनुमत ने शीश झुकाया

शिव भोला गोकुल में आया ।

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया...

करके शंभू का ध्यान चले करुणा निधान ॥

अपने भक्तों का मान बढ़ाया

शिव भोला गोकुल में आया ।

कृष्ण दर्शन को मन ललचाया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।