जय राधे राधे श्री राधे राधे शर्मा ब्रदर्स

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय, राधे राधे... , श्री, राधे राधे ।

जय, श्यामा श्यामा... , श्री, श्यामा श्यामा ॥

जय राधे, राधे राधे, श्री राधे, राधे राधे ।

जय श्यामा, श्यामा श्यामा, श्री श्यामा, श्यामा श्यामा ।

जय राधे, राधे राधे, श्री राधे, राधे राधे ।

जय श्यामा, श्यामा श्यामा, श्री श्यामा, श्यामा श्यामा ।

जय, राधे राधे... , श्री, राधे राधे...श्री राधे राधे...

जब से, राधा श्याम के, नैन हुए हैं चार,

श्याम, बन गई राधिका, राधा, बन गए श्याम ।

( राधा, बन गए श्याम हो... राधा, बन गए श्याम x॥ )

जय, राधे राधे... , श्री, राधे राधे...श्री राधे राधे...

मेरी, जात है क्या, औकात है क्या ।

तूँ, मालिक है, तेरी बात है क्या ।

मैं मिटटी, मिटटी दे विच, रूल जाना ।

फिर, लौट के, वापिस नहीं आना ।

तूँ ही, तूँ, तूँ ही, तूँ x॥

जय, राधे राधे... , श्री, राधे राधे...श्री राधे राधे...

हो मुझे, रास आ गया है, तेरे दर पे, सर झुकाना,

तुझे, मिल गया पुजारी, मुझे, मिल गया ठिकाना ।

( मुझे, मिल गया ठिकाना, मुझे, मिल गया ठिकाना x॥ )

जय, राधे राधे... , श्री, राधे राधे...श्री राधे राधे...

यकीन, ना हो तो, शर्मा ब्रदर्स को बाबा,

अज़मा के, देख लेना,

दिल के, टुकड़े, करवा के देख लेना,

अरे, हर टुकड़े पे, आपका नाम होगा,

चाहे, कोई भी टुकड़ा, उठा कर, देख लेना ।

( उठा कर, देख लेना, उठा कर, देख लेना x॥ )

जय, राधे राधे... , श्री, राधे राधे...श्री राधे राधे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।