अख्खियाँ खोल राम को देख

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अख्खियाँ खोल राम को देख

तेरे मिट जाएं सारे कलेश ॥

अख्खियाँ खोल राम को...

यह बंगला तेरा किस से बनाया ॥

बिन माटी बिन रेत

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

यह बंगला माटी का बना है ॥

ईट लगी ना एक

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

यह बंगला तेरा किस ने बनाया ॥

किस ने लिख दिए लेख़

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

यह बंगला मेरा राम ने बनाया ॥

माता ने लिख दिए लेख़

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

इस बंगले में दीपक जलता ॥

बिन बाती बिन तेल

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

इस बंगले में नौ दरवाज़े ॥

दसवां खोल के देख

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

इस बंगले की चौंसठ पौड़ी ॥

इक्क इक्क चढ़ के देख

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

ढह गया बंगला बिखर गई पौड़ियां ॥

हो गई बालू रेत

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

इस बंगले के तीन है मालिक ॥

ब्रह्मा विष्णु महेश

तेरे मिट जाएं सारे कलेश...

अख्खियाँ खोल राम को...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।