सारे लोकी नचदे शदाई बनके

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारे लो नचदे शदाई बनके

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2

चन्न जेहे मुखड़े तो की वारा

दिल वारा के जां वारा-2

दर्शन करले सारे रज रज के-2

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2

सारे लोकी नचदे शदाई बनके-2

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2

सोहना जेहा मुखड़ा है चन्न बरगा

खिलेया ऐ फुल गुलाब दे वरगा-2

दिल लुट लैंदा ओ माली बनके-2

आ गया मेरा हारा बाला रब बनके-2

सारे लोकी नचदे शदाई बनके -2

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2

हर कोई बनेया दिवाना इसदा

बनेया कोई मस्ताना इसदा-2

प्रेमी बन जावा मैं रजरज के

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके

सारे लोकी नचदे शदाई बनके

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2

कलयुग विचअवतार होया ऐ

घर-घर विच मंगलाचार होया ऐ-2

देवता दी आए सारे सजधज के

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके

सारे लेकी नचदे शदाई बनके-2

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके

आ गया मेरा हारा वाला रब बनके

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।