वजदी कमाल कर गई

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मुरली मेरे मोहन दी वजदी कमाल कर गयी

जमाना सारा बदल गया, जदो होंठा उत्ते श्याम धर लई

मुरली दी तान सुन के इन्दर दा सिंघासन डोलया

अर्शा तोह आये देवते, मेरे भोले दी समाधी खुल गयी

मुरली मेरे मोहन दी वजदी कमाल कर गयी

जमाना सारा बदल गया जदो होंठा उत्ते श्याम धर लई

मुरली दी तान सुन के जंगला दे पशु पक्षी डोलदे

वे चलदे चलदे रुक नी गए यमुना दी लहर ठहर गयी

मुरली मेरे मोहन दी वजदी कमाल कर गयी

जमाना सारा बदल गया, जदो होंठा उत्ते श्याम धर लई

मुरली दी तान सुन के दौड़ी आईया सारी सखियाँ

घर बार छूट नी गए सुध बुध सारी भूल गयी

मुरली मेरे मोहन दी वजदी कमाल कर गयी

जमाना सारा बदल गया, जदो होंठा उत्ते श्याम धर लई

मुरली दी तान सुन के रास मंडल रचया

एक एक सखी ते मोहन सारया दी जोड़ी रल गयी

मुरली मेरे मोहन दी वजदी कमाल कर गयी

जमाना सारा बदल गया, जदो होंठा उत्ते श्याम धर लई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।