जय श्री बागेश्वर बालाजी स्तुति

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय बोलूं जय बोलो प्रभु बागेश्वर धाम सरकार की ।

करत कृपा प्रभु कलयुग में लिखंति लिखल विधि विधान की ।।

प्रभु जी तुम मेरो दुःख हरो ,मैं अज्ञानी बालक प्रभु जी तुम्हरी सरना ।

कोई कृपा राखो प्रभु ,कष्ट परल तन पर दो आराम पल भरमा ।

क्योंकि सुनी है मैंने ,

प्रभु जी लीला आपकी ।।

जय बोलूं जय बोलो . . .

प्रभु जी तुम्हरी माया सब जानें - जानें सारा संसारा ,

प्रभु जी तुम बागेश्वर धाम सरकार के नाम से पूरे विश्व में बिगड़े काम बनावत हो सारा ।

यही हां लीला जन-जन में व्याप्त है प्रभु जी आपकी ।

जय बोलूं जय बोलो . . .

जब कोई भी सारे संसार से हार जावत है ,

प्रभु जी फिर उसे अपनी सरन बुलावत हैं ।

यही है माया प्रभु श्री राम भक्त ,

महाबली जी हनुमान की ।।

जय बोलूं जय बोलो . . .

जिस किसी को भी खुद पर विश्वास न हो , सिर्फ एक बार प्रभु के चरणों में आकर देखो तो ।

कि कैसी माया है जग दुःख हरता - जग पालनकारी ,

श्री बागेश्वर धाम सरकार की ।।

जय बोलूं जय बोलो . . .

प्रभु कष्ट मिटावत है तन से जे कोई - भी प्रभु की भक्ति करतो है मन से , प्रभु से जे कोई भी कछु भी मांगे प्रभु उकर पूर्ण करते हैं मनोकामनाएं क्षण से - क्षण से ।

यही है वाणी माननीय श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज की । ।

जय बोलूं जय बोलो प्रभु बागेश्वर धाम सरकार की ।

करत कृपा प्रभु कलयुग में लिखंति लिखल विधि विधान की ।।

"लेखक : ठाकुर अभय प्रताप सिंह" । ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।