बात बन गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शरण में आया तो हर बात बन गई

कृपा ऐसी तेरी दिन रात बन गई

चाहतें थी मेरी जो पूरी कर दी

मुझे अपनाया ये सौगात बन गई

ज़माने भर में खुद को ढूंढ़ता था

ज़माने में मेरी औकात बन गई

जो कल तक पूछते थे मेरी मंज़िल

बात वो ही ढाल की पात बन गई

दुखों में घिर के भी खुश 'वैभव' रहता

बूंद खुशियों की अब बरसात बन गई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।